CBCS Pattern के तहत 4th year undergraduate program बिहार में 2023–2027 सत्र से लागू की गई। इस Four Year Undergraduate Programme (FYUGP) के तहत पुरानी वार्षिक परीक्षा प्रणाली को हटाकर सेमेस्टर प्रणाली लागू की गई।
अब छात्रों को हर साल एक परीक्षा देने के बजाय सेमेस्टर की परीक्षाएं देनी होती हैं। सामान्य रूप से छात्रों को हर छह महीने के बाद एक परीक्षा देनी होती है।
पूरे B.A , B.Sc. और B.Com जैसे regular कोर्स को 8 सेमेस्टर में बांटा गया है, जो 4 शैक्षणिक वर्षों में पूरा होता है।
CBCS क्या है?
CBCS System 4th Year Undergraduate Programme का ही भाग है। पहले के वार्षिक स्नातक स्टूडेंट्स को साल में नंबर लाना होता था लेकिन अब स्टूडेंट्स को paper में नंबर लाना तो होगा लेकिन उतना मार्क्स का value नहीं होगा जितना होता था।
अब स्टूडेंट्स को हर सेमेस्टर में credit लाना बहुत जरूरी हो गया है। तभी आगे के सेमेस्टर में admission मिलेगा। हालांकि हर सेमेस्टर के सभी paper में passing marks भी आ जायेगा तो आपको पूरा credit आ जाएगा लेकिन अच्छा cgpa लाने के good marks लाना बहुत जरूरी होता है।ताकि सेमेस्टर 6 के बाद Research With Honours के डिग्री के योग्य हो पाए। ताकि आपके PhD के द्वार 4th year undergraduate के बाद खुलता है।
ये Choice Based Credit System (CBCS) इसीलिए आया ताकि स्टूडेंट्स फेल कम हो और अपना डिग्री आसानी से प्राप्त कर पाए। इस CBCS System के तहत छात्रों को प्रत्येक सेमेस्टर में 20 क्रेडिट होंगे और चार वर्षों में कुल 160 क्रेडिट होंगे।
CIA और ESE Exam System
End Semester Examination(External Exam) में शामिल होने से पहले छात्रों को Internal Exam देना compulsory होता है।
CIA Exam
CIA का फुल फॉर्म Continuous Internal Assessment है। CIA Exam को Internal Exam कहा जाता है। Internal exam 30 marks का होता है। स्टूडेंट्स को हर papar का CIA Exam देना होगा 30 मार्क्स में आपलोगों को सिर्फ़ 15 मार्क्स का exam देना होगा और 5 मार्क्स आपके attendence और 10 marks आपके या तो प्रेजेंटेशन लिया जाएगा या आपको report/ assignment submit करना होगा अपने प्रोफेसर को।
इस प्रणाली में बताए गए नियम के अनुसार, छात्रों को Internal Exam में निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त करने होते हैं। यहां पास होने के लिए 30 में से 12.5 अंक प्राप्त करना जरूरी बताया गया है।
ESE Exam
ESE का पूरा नाम End Semester Examination है। End Semester Examination 70 अंकों की होती है।
यहां बताए गए UGC Guidelines नियम के अनुसार, ESE में पास होने के लिए छात्रों को 70 में से 31.5 अंक प्राप्त करने होते हैं। ESE को External Exam कहा जाता है।
छात्रों को ध्यान रखना चाहिए कि परीक्षा और पास होने के नियम उनकी संबंधित University के नए नियमों के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए छात्रों को हमेशा University की नई आधिकारिक सूचना जरूर देखनी चाहिए।
अलग-अलग सेमेस्टर के बाद बाहर निकलने पर क्या होगा?
4 वर्षीय स्नातक प्रणाली में अलग-अलग चरणों पर बाहर निकलने के विकल्प दिए गए हैं। यह संबंधित शैक्षणिक और क्रेडिट की आवश्यकताओं पर निर्भर करता है।
Semester 2 के बाद
यदि कोई छात्र Semester 1 और Semester 2 सफलतापूर्वक पूरा करता है और एक वर्ष के बाद पढ़ाई छोड़ना चाहता है, तो लागू नियमों के अनुसार उसे UG Certificate मिल सकता है।
Semester 4 के बाद
यदि कोई छात्र Semester 3 और Semester 4 सफलतापूर्वक पूरा करता है और दो वर्ष के बाद पढ़ाई छोड़ने का फैसला करता है, तो लागू नियमों के अनुसार उसे Diploma मिल सकता है।
Semester 6 के बाद
यदि कोई छात्र Semester 5 और Semester 6 सफलतापूर्वक पूरा करता है और तीन वर्ष के बाद पढ़ाई छोड़ने का फैसला करता है, तो उसे संबंधित UG Degree मिल सकती है।
उदाहरण के लिए, कार्यक्रम के अनुसार यह डिग्री B.Sc, B.Com या B.A. हो सकती है।
4th Year Graduation Admission को समझना जरूरी है।
कुछ University स्तर के PPU notices और उनकी व्याख्याओं के कारण छात्रों में 7.5 CGPA की आवश्यकता को लेकर भ्रम पैदा हुआ था।
एक व्याख्या के अनुसार, जिन छात्रों का CGPA 7.5 या उससे अधिक था, वे Research pathway के लिए योग्य हो सकते हैं और 4th Year पूरा करने के बाद उन्हें Honours with Research degree मिल सकती है।
दूसरी तरफ, कुछ छात्रों ने यह समझा है कि 7.5 से कम CGPA वाले छात्र 4th Year में admission के लिए योग्य नहीं हैं और उन्हें केवल Regular Honours degree तक ही सीमित रहना होगा।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि 4th Year में admission और Research के लिए eligibility दो अलग-अलग बातें हैं।
Semester 8 के बाद
इस article में बताए गए UGC Guidelines framework की व्याख्या के अनुसार, 7.5 CGPA की शर्त Research/Dissertation pathway से जुड़ी हुई है।
जरूरी CGPA पूरा करने वाले छात्र Semester 8 में Dissertation या Research Project कर सकते हैं और Honours with Research pathway के लिए योग्य हो सकते हैं।
जो छात्र जरूरी CGPA पूरा नहीं करते हैं, वे Research component के बिना लागू Honours pathway के माध्यम से आगे पढ़ाई जारी रख सकते हैं और कार्यक्रम की सभी आवश्यकताएं पूरी करने के बाद संबंधित Honours degree प्राप्त कर सकते हैं।
इसलिए छात्रों को केवल यह नहीं मान लेना चाहिए कि 7.5 से कम CGPA होने पर वे Semester 7 में प्रवेश नहीं कर सकते। सही admission criteria की पुष्टि University और सरकार की सबसे नई लागू आधिकारिक सूचना से करनी चाहिए।
इस FYUGP 2020 की एक खास बात यह है कि छात्रों का समय बर्बाद नहीं होगा। यदि वे एक या दो साल के बाद पढ़ाई छोड़ते हैं, तो उन्हें UG Certificate या Diploma जैसी योग्यता मिल सकती है। इससे समय बचता है और वे दूसरे course या internship करने में समय दे सकते हैं।
पहले की वार्षिक स्नातक प्रणाली में परीक्षा छूट जाने पर पूरी प्रक्रिया को फिर से शुरू करना पड़ता था।
Department of Higher Education, Government of Bihar ने UGC के दिशा-निर्देशों के आधार पर 4-Year Undergraduate Programme लागू करने के आदेश को आधिकारिक रूप से मंजूरी दी है।
आप नीचे दिए गए लिंक से Governor of Bihar के official UGC guidelines के Notice को पढ़ सकते हैं।